आज हम जानेंगे डॉस (DOS) की बुनियादी संरचना और उसके मुख्य घटकों के बारे में। यह एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसने शुरुआती कंप्यूटर युग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अगर आप कंप्यूटर की मूल प्रणाली को समझना चाहते हैं या पुराने सिस्टम्स के काम करने के तरीके को जानना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके लिए बेहद उपयोगी होगी। आइए, डॉस की दुनिया को सरल शब्दों में step-by-step समझते हैं।
DOS की कार्यप्रणाली (How DOS Works)
डॉस का मुख्य काम उपयोगकर्ता और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच एक ब्रिज का काम करना है। जब आप कोई कमांड टाइप करते हैं, तो डॉस उसे समझकर हार्डवेयर (जैसे—हार्ड डिस्क, कीबोर्ड, मॉनिटर) को निर्देश देता है। डॉस की कार्यप्रणाली को निम्न steps में समझा जा सकता है:
1. कमांड स्वीकार करना (Accepting Commands)
यूजर कीबोर्ड से जो टेक्स्ट टाइप करता है, उसे DOS पढ़ता है। यह कार्यप्रणाली का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है, जहाँ इनपुट को सिस्टम तक पहुँचाया जाता है।
2. कमांड इंटरप्रिटेशन (Command Interpretation)
यूजर से इनपुट प्राप्त होने पर DOS का इंटरप्रेटर (Command.com) यह विश्लेषण करता है कि वह कमांड किस उद्देश्य के लिए है। यह पहचानता है कि क्या यह इंटरनल कमांड है, कोई बाहरी प्रोग्राम चलाने का निर्देश है, या किसी विशेष फ़ाइल को एक्सेस करने की रिक्वेस्ट है।
3. संसाधन प्रबंधन (Resource Management)
कमांड की पहचान होने के बाद, DOS आवश्यक सिस्टम संसाधन (Resources) जैसे मेमोरी स्पेस, फाइलें और हार्डवेयर डिवाइसेस को तैयार करता है। यह सुनिश्चित करता है कि कमांड को प्रोसेस करने के लिए पर्याप्त जगह और सही पाथ उपलब्ध हो।
4. आउटपुट प्रदर्शन (Displaying Output)
जब प्रोसेस पूरा हो जाता है, तो DOS उसका परिणाम (Result) यूजर के सामने पेश करता है। यह आउटपुट मॉनिटर स्क्रीन पर दिखाई दे सकता है या निर्देशानुसार प्रिंटर और अन्य आउटपुट डिवाइस पर भेजा जा सकता है।
DOS के मुख्य भाग (Main Components of DOS)
डॉस मुख्य रूप से तीन सिस्टम फाइलों और बूटिंग प्रक्रिया पर आधारित है। चलिए इसे समझते हैं
1. Booting Process (बूटिंग प्रक्रिया):
कंप्यूटर ऑन होते ही सबसे पहले BIOS सक्रिय होता है। BIOS हार्डवेयर की बेसिक जाँच करता है और फिर बूट-लोडर को ढूँढकर प्राथमिक सिस्टम फाइलों को मेमोरी में लोड कराता है — यही पूरी प्रक्रिया बूट कहलाती है।2. System Files (सिस्टम फ़ाइलें):
डॉस की संरचना में कुछ प्रमुख सिस्टम फाइलें होती हैं, जो कंप्यूटर को प्रारंभ करने और कमांड निष्पादन में अहम भूमिका निभाती हैं। ये प्रमुख फाइल्स निम्न हैं:
IO.SYS (Input/Output System)
यह फाइल इनपुट/आउटपुट डिवाइस (जैसे—कीबोर्ड, मॉनिटर, प्रिंटर) को कंट्रोल करती है। यह हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच इंटरफेस का काम करती है।
MSDOS.SYS (Kernel File)
सिस्टम के प्रमुख लॉजिक और फ़ाइल/मेमोरी प्रबंधन के हिस्से को संभालने वाली फ़ाइल। इसे DOS का नियंत्रक कहा जा सकता है।
COMMAND.COM (Command Interpreter)
यह यूजर और ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच इंटरफ़ेस का काम करता है। यह यूजर द्वारा दिए गए कमांड को पढ़ता है, उन्हें समझता है और सिस्टम में संबंधित कार्यों को निष्पादित (execute) करता है।
DIR कमांड टाइप करते हैं, तो COMMAND.COM उसे पहचानता है। फिर वह MSDOS.SYS को निर्देश देता है, और अंत में MSDOS.SYS फाइल IO.SYS की मदद से हार्ड डिस्क से जानकारी लेकर उसे आपकी स्क्रीन पर दिखाती है। DOS Prompt क्या है? (Understanding DOS Prompt)
डॉस की बूटिंग पूरी हो जाने के बाद अर्थात जब DOS पूरी तरह से RAM में लोड हो जाता है, तब स्क्रीन पर एक blinking cursor के साथC:\> जैसा संकेत दिखाई देता है। इस संकेत को DOS Prompt या Command Prompt कहा जाता है।
यह वह स्थान है, जहाँ यूजर कमांड टाइप करता है, ताकि ऑपरेटिंग सिस्टम उसे समझकर आवश्यक कार्य कर सके।
DOS Prompt के मुख्य भाग (Anatomy of DOS Prompt)
डॉस प्रॉम्प्ट में दिखने वाले प्रत्येक चिन्ह का एक विशेष अर्थ होता है, जिसे समझना जरूरी है:
1. ड्राइव लेटर (Drive Designation)
प्रॉम्प्ट की शुरुआत में लिखा C: यह दर्शाता है कि आप वर्तमान में किस डिस्क ड्राइव (Current Drive) पर काम कर रहे हैं। यदि आप पेनड्राइव या किसी अन्य डिस्क पर स्विच करते हैं, तो यह अक्षर बदल सकता है (जैसे D: या E:)।
2. बैकस्लैश (The Backslash - /)
ड्राइव लेटर के बाद आने वाला (Backslash) 'रूट डायरेक्टरी' (Root Directory) को प्रदर्शित करता है। इसका मतलब है कि आप वर्तमान में उस ड्राइव के सबसे ऊपरी स्तर (Top-level) पर मौजूद हैं।3. ग्रेटर देन साइन (Greater Than Sign - >)
यह > चिन्ह एक इंडिकेटर की तरह काम करता है। यह यूजर को यह संदेश देता है कि ऑपरेटिंग सिस्टम पूरी तरह तैयार है और आपके अगले कमांड का इंतजार कर रहा है।
4. ब्लिंकिंग कर्सर (Blinking Cursor)
प्रॉम्प्ट के अंत में चमकती हुई छोटी लाइन कर्सर कहलाती है। यह वह सक्रिय स्थान है जहाँ से आपके द्वारा टाइप किया गया टेक्स्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
डायरेक्टरी संरचना, पाथ एवं फाइल (Directory, Path and File)
किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में डेटा को सुव्यवस्थित रूप से संग्रहीत (store) करने के लिए डायरेक्टरी और फाइल का उपयोग किया जाता है। DOS में फाइलें विभिन्न डायरेक्टरियों में एक Tree Structure (वृक्ष संरचना) के रूप में व्यवस्थित रहती हैं, जिससे डेटा को खोजना आसान हो जाता है।
1. डायरेक्टरी और उसके प्रकार (Understanding Directories)
एक डायरेक्टरी (जिसे आधुनिक विंडोज में फोल्डर कहा जाता है) एक प्रकार का कंटेनर है। इसका उपयोग संबंधित फाइलों और अन्य फोल्डरों को एक साथ रखने के लिए किया जाता है। DOS में मुख्य रूप से चार प्रकार की डायरेक्टरी स्थितियाँ होती हैं:
A. रूट डायरेक्टरी (Root Directory)
यह डॉस की सबसे ऊपरी (Top-level) डायरेक्टरी होती है। इसे Backslash (\) द्वारा दर्शाया जाता है (जैसे C:<)। सिस्टम की सभी फाइलें और अन्य सभी सब-डायरेक्टरी इसी Root के अंदर समाहित होती हैं।
B. करंट डायरेक्टरी (Current Directory)
यह वह डायरेक्टरी है जिसमें यूजर वर्तमान में सक्रिय रूप से काम कर रहा होता है। उदाहरण के लिए, यदि डॉस प्रॉम्प्ट पर C:\COPA> दिख रहा है, तो COPA आपकी करंट डायरेक्टरी है।
C. सब-डायरेक्टरी (Sub-directory)
जब एक डायरेक्टरी के अंदर दूसरी डायरेक्टरी बनाई जाती है, तो उसे सब-डायरेक्टरी कहते हैं। उदाहरण के लिए, C:\DOCS\STUDENT में STUDENT एक सब-डायरेक्टरी है जो DOCS के अंदर स्थित है।
D. पैरेंट डायरेक्टरी (Parent Directory)
वह डायरेक्टरी जो अपने अंदर किसी अन्य डायरेक्टरी को रखती है, पैरेंट डायरेक्टरी कहलाती है। ऊपर दिए गए उदाहरण (C:\DOCS\STUDENT) में DOCS, 'STUDENT' की पैरेंट डायरेक्टरी है। यह स्ट्रक्चर में एक स्तर ऊपर होती है।
2. पाथ क्या है? (What is Path in DOS?)
पाथ वह सटीक रास्ता या पता होता है जो किसी फाइल या फोल्डर की लोकेशन तक पहुँचाता है। इसमें डायरेक्टरियों के नामों को Backslash (\) से अलग किया जाता है।
उदाहरण: C:\COPA\NOTES\DOS.TXT एक पूर्ण पाथ है। यह बताता है कि DOS.TXT फाइल COPA के अंदर NOTES नामक फोल्डर में स्थित है।
3. फाइल और एक्सटेंशन (Files and Extensions)
फाइल डेटा या सूचना को स्टोर करने की सबसे छोटी इकाई है। हर फाइल का एक अद्वितीय नाम (Unique Name) और एक एक्सटेंशन होता है, जो फाइल के प्रकार (Type) को पहचानता है।
MARKS.TXT
यहाँ MARKS मुख्य नाम (Primary Name) है और .TXT इसका एक्सटेंशन है। महत्वपूर्ण फाइल एक्सटेंशन:
DOS में उपयोग होने वाले कुछ प्रमुख एक्सटेंशन निम्नलिखित हैं:
- .TXT: प्लेन टेक्स्ट फाइल
- .BAT: बैच फाइल (कमांड्स का समूह)
- .SYS: सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन फाइल
- .EXE: एक्सीक्यूटेबल फाइल (प्रोग्राम फाइल)
- .COM: कमांड फाइल
