क्या आपने कभी सोचा है कि जब Disk Format करनी हो, किसी Hard Drive के bad sectors ढूँढने हों, या पूरी Drive का Backup लेना हो, तो Command Prompt यह सब कैसे कर लेता है? इन सभी भारी और जटिल कार्यों के पीछे DOS External Commands की शक्ति होती है।
जहाँ Internal Commands सामान्य और दैनिक कार्यों (जैसे File देखना या Folder बदलना) के लिए Command Interpreter में हमेशा लोड रहती हैं, वहीं External Commands विशेष प्रोग्राम फाइल्स (Utilities) के रूप में सेकेंडरी मेमोरी (Disk) पर सुरक्षित रहती हैं।
- Advanced System Tasks: Disk Partitioning, Disk Formatting और Data Recovery जैसे बड़े काम इन्हीं commands से होते हैं।
- ये commands केवल तभी चलती हैं जब उनकी संबंधित प्रोग्राम फाइल (.EXE/.COM) डिस्क पर मौजूद हो।
इस article में हम DOS External Commands को category के हिसाब से — syntax, example, meaning/full form और exam-oriented notes के साथ — शुरू से आखिर तक आसान हिंदी में सीखेंगे।
DOS External Commands क्या हैं?
DOS External Commands वे विशेष सिस्टम यूटिलिटी प्रोग्राम हैं जो Command Interpreter (COMMAND.COM या cmd.exe) के अंदर लोड नहीं होते, बल्कि डिस्क (Secondary Storage) पर अलग executable files जैसे .EXE या .COM के रूप में स्टोर रहते हैं।
आसान शब्दों में समझें तो मान लीजिए आपका स्कूल बैग "Internal Commands" है, जिसमें पेन और पेंसिल हमेशा साथ रहते हैं। लेकिन जब आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए "प्रोजेक्टर" या "लैब उपकरण" की आवश्यकता होती है, तो आप उसे विशेष कमरे (स्टोर रूम) से लाते हैं। ठीक उसी प्रकार, External Commands भारी और विशिष्ट कार्य करने वाले टूल्स हैं जो डिस्क में मौजूद होने पर ही काम करते हैं।
Important: यहाँ DOS External Commands को मुख्यतः MS-DOS/Windows command-line learning और ITI COPA exam के संदर्भ में समझाया गया है। इनमें से कुछ commands पुराने MS-DOS वातावरण की हैं (जैसे DISKCOPY, DISKCOMP), जबकि कुछ commands (जैसे CHKDSK, FORMAT, XCOPY, ATTRIB) आधुनिक Windows Command Prompt में भी उपलब्ध हैं। जहाँ आवश्यक हो, वहाँ इस अंतर को अलग से बताया गया है। Windows में यह फाइल्स आमतौर पर C:\Windows\System32 डायरेक्टरी में मिलती हैं।
👇Note: नीचे दी गई categories commands को समझने और याद रखने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। यह DOS की कोई आधिकारिक classification नहीं है — यह केवल learning को आसान बनाने के लिए किया गया एक व्यवस्थित (organised) तरीका है।
1. Disk Management & Maintenance Commands
इस category की commands पूरी disk/drive को manage करने, जाँचने, format करने और उससे जुड़ी जानकारी संभालने के काम आती हैं।
CHKDSK Command (Check Disk)
यह कमांड हार्ड डिस्क या पेन ड्राइव के फाइल सिस्टम की स्थिति की जाँच करती है, डिस्क स्पेस का विवरण देती है और लॉजिकल एरर्स को ठीक करती है।
Syntax: CHKDSK [drive:] [/F] [/R]
इस Syntax में :
[drive:]: यहाँ उस ड्राइव का नाम/लेटर (जैसे C:, D:, E:) लिखा जाता है जिसे स्कैन करना है।[/F]: फाइल सिस्टम के लॉजिकल एरर्स को फिक्स (Fix) करने के लिए।[/R]: बैड सेक्टर्स (Bad Sectors) को locate करके पढ़ने योग्य डेटा को रिकवर करने की कोशिश करता है, और इसमें /F की functionality भी शामिल होती है।
Example: CHKDSK D: /F
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर यह 'D' ड्राइव के फाइल सिस्टम की गलतियों को जाँचकर उन्हें ठीक कर देता है।
Exam Point: /F → File system errors को fix करता है। /R → Bad sectors locate करके readable information recover करने की कोशिश करता है, और इसमें /F का काम भी शामिल रहता है।
FORMAT Command
FORMAT command किसी drive/volume में नया फाइल सिस्टम (जैसे FAT32, NTFS) तैयार करने के लिए उपयोग की जाती है। Formatting के दौरान उस volume पर मौजूद data तक सामान्य access समाप्त हो जाता है, इसलिए format करने से पहले ज़रूरी data का backup अवश्य ले लेना चाहिए।
Syntax: FORMAT [drive:] [/Q]
इस Syntax में :
[drive:]: यहाँ कंप्यूटर सिस्टम में उपलब्ध उस ड्राइव का नाम (जैसे D:, E:, F:) लिखना है जिसे फॉर्मेट करना है।[/Q]: यह 'Quick Format' करने के लिए उपयोग किया जाता है।
Example: FORMAT E: /Q
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर यह E ड्राइव को Quick Format करके नया फाइल सिस्टम बना देता है।
सावधानी: FORMAT करने से पहले उस ड्राइव का ज़रूरी data हमेशा दूसरी जगह backup कर लें, क्योंकि formatting के बाद पुराना data आमतौर पर सामान्य तरीके से वापस नहीं मिलता।
DISKCOPY Command (Legacy DOS)
एक फ्लॉपी डिस्क के पूरे डेटा (ट्रैक-दर-ट्रैक और सेक्टर-दर-सेक्टर) की हूबहू क्लोन कॉपी दूसरी डिस्क पर बनाने के लिए इसका इस्तेमाल होता था।
Syntax: DISKCOPY [source_drive:] [destination_drive:]
इस Syntax में :
[source_drive:]: वह डिस्क ड्राइव जहाँ से मूल डेटा कॉपी करना है (जैसे A:)।[destination_drive:]: वह टारगेट ड्राइव जहाँ डेटा राइट करना है (जैसे B:)।
Example: DISKCOPY A: B:
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर Drive A की फ्लॉपी का पूरा डेटा Drive B की फ्लॉपी में हूबहू कॉपी हो जाता है।
Exam Point: DISKCOPY पुराने MS-DOS वातावरण की command है और केवल समान क्षमता वाली फ्लॉपी डिस्क के लिए काम करती थी, हार्ड डिस्क के लिए नहीं।
DISKCOMP Command (Legacy DOS)
दो फ्लॉपी डिस्क के डेटा को track-by-track और sector-by-sector आपस में compare करके यह बताने के लिए उपयोग होती है कि दोनों डिस्क का डेटा एक जैसा (identical) है या नहीं।
Syntax: DISKCOMP [drive1:] [drive2:]
इस Syntax में :
[drive1:]: पहली डिस्क ड्राइव जिसे compare करना है।[drive2:]: दूसरी डिस्क ड्राइव जिससे तुलना करनी है।
Example: DISKCOMP A: B:
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर Drive A और Drive B की फ्लॉपी डिस्क का डेटा आपस में मिलाया जाता है और अंतर होने पर वह स्क्रीन पर दिखा दिया जाता है।
Exam Point: DISKCOPY डेटा की कॉपी बनाती है, जबकि DISKCOMP सिर्फ दो डिस्क का डेटा compare करती है, कॉपी नहीं करती।
FDISK Command (Fixed Disk Setup)
MS-DOS में हार्ड डिस्क पर नए Partitions (Primary, Extended, Logical Drives) बनाने, देखने और डिलीट करने के लिए FDISK का प्रयोग किया जाता था।
Syntax: FDISK
इस command के साथ सीधे कोई पैरामीटर नहीं देना होता; यह एक मेनू-आधारित टूल खोलता है।
Example: FDISK
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर स्क्रीन पर डिस्क पार्टीशन का इंटरैक्टिव मेनू खुल जाता है।
Exam Note: FDISK → पुराने MS-DOS systems में partition management के लिए। DISKPART → आधुनिक Windows में disk/partition management के लिए। दोनों का उद्देश्य एक जैसा है, पर ये अलग-अलग समय की utilities हैं।
LABEL Command
किसी डिस्क वॉल्यूम का नाम (Volume Label) बनाने, बदलने या हटाने के लिए LABEL कमांड का प्रयोग होता है।
Syntax: LABEL [drive:] [new_volume_label]
इस Syntax में :
[drive:]: उस ड्राइव का लेटर जिसका नाम बदलना है।[new_volume_label]: वह नया नाम जो आप ड्राइव को देना चाहते हैं।
Example: LABEL D: BACKUP_DATA
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर D ड्राइव का वॉल्यूम नाम बदलकर "BACKUP_DATA" सेट हो जाता है।
Exam Point: LABEL कमांड ड्राइव का data नहीं बदलती, सिर्फ उसका पहचान नाम (Volume Label) बदलती है।
SYS Command
यह कमांड किसी डिस्क को bootable (यानी जिससे कंप्यूटर स्टार्ट हो सके) बनाने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम की ज़रूरी सिस्टम फाइल्स को उस डिस्क में ट्रांसफर (कॉपी) करती है।
Syntax: SYS [drive:]
इस Syntax में :
[drive:]: वह ड्राइव जिसे bootable बनाना है।
Example: SYS D:
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर D ड्राइव में ज़रूरी system files कॉपी हो जाती हैं, जिससे वह ड्राइव bootable बन जाती है।
Exam Point: SYS command का मुख्य काम किसी disk को bootable बनाना है।
SUBST Command
किसी लंबे folder path को एक छोटे, अलग virtual drive letter से जोड़कर, उसे आसानी से access करने के लिए SUBST कमांड का उपयोग होता है।
Syntax: SUBST [drive:] [path]
इस Syntax में :
[drive:]: वह नया वर्चुअल drive letter जो बनाना है (जैसे Z:)।[path]: वह folder का पूरा पाथ जिसे उस नए drive letter से जोड़ना है।
Example: SUBST Z: C:\STUDENT\PROJECTS
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर C:\STUDENT\PROJECTS फोल्डर अब सीधे Z: ड्राइव के नाम से भी खुल जाता है।
Exam Point: SUBST से बनने वाला drive एक virtual (अस्थायी) drive होता है, कोई वास्तविक (physical) drive नहीं।
2. Advanced File & Directory Commands
यह category उन commands को साथ रखती है जो साधारण file/folder handling से आगे जाकर बड़ी मात्रा में डेटा कॉपी करने, ढाँचा दिखाने, attributes बदलने और backup लेने जैसे advanced काम करती हैं।
XCOPY Command (Extended Copy)
यह कमांड फाइलों के साथ-साथ पूरी डायरेक्टरी और सब-डायरेक्टरी स्ट्रक्चर (Folders & Subfolders) को एक साथ कॉपी करने की क्षमता रखती है।
Syntax: XCOPY [source] [destination] [/S] [/E]
इस Syntax में :
[source]: उस फाइल या फोल्डर का पाथ जिसे कॉपी करना है।[destination]: वह स्थान जहाँ डेटा पेस्ट करना है।[/S]: सभी सबडायरेक्टरी को कॉपी करता है (खाली वाली छोड़कर)।[/E]: खाली (Empty) सबडायरेक्टरी सहित पूरा ढाँचा कॉपी करता है।
Example: XCOPY C:\STUDENT D:\BACKUP /E
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर C: ड्राइव में स्थित STUDENT फोल्डर की सभी files, sub-folders और खाली folders भी D: ड्राइव में स्थित BACKUP फोल्डर में कॉपी हो जाते हैं।
COPY बनाम XCOPY
| Command | क्या करता है |
|---|---|
| COPY | केवल Files copy करती है (Internal Command) |
| XCOPY | Files के साथ Folders/Subdirectories भी copy करती है |
| XCOPY /E | खाली (Empty) Subdirectories सहित पूरा ढाँचा copy करती है |
Exam Point: /S खाली subdirectories छोड़ देता है, जबकि /E खाली subdirectories को भी शामिल करता है।
TREE Command
किसी ड्राइव या डायरेक्टरी के अंदर मौजूद फोल्डर्स और फाइल्स के पूरे पदानुक्रम (Hierarchy) को एक पेड़ की शाखाओं (Graphical Tree Structure) की तरह स्क्रीन पर दिखाती है।
Syntax: TREE [drive:][path] [/F] [/A]
इस Syntax में :
[drive:][path]: उस डायरेक्टरी का रास्ता जिसका ट्री देखना है।[/F]: फोल्डर्स के साथ-साथ उनके अंदर मौजूद फाइलों के नाम भी दिखाने के लिए।[/A]: ग्राफिक्स कैरेक्टर के स्थान पर टेक्स्ट कैरेक्टर का उपयोग करने के लिए।
Example: TREE C:\PROJECTS /F
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर C: ड्राइव में स्थित PROJECTS फोल्डर का पूरा ढाँचा और उसके अंदर मौजूद सभी फाइलों के नाम स्क्रीन पर आ जाते हैं।
Exam Point: डायरेक्टरी संरचना को Tree Format में देखने के लिए TREE कमांड का उपयोग होता है।
ATTRIB Command (File Attributes)
किसी फाइल या फोल्डर के गुणधर्म (Attributes) जैसे Read-Only (R), Hidden (H), System (S), और Archive (A) को देखने, लागू करने या हटाने के लिए प्रयोग की जाती है। आधुनिक Windows में ATTRIB में कुछ अतिरिक्त attributes भी उपलब्ध हैं, लेकिन exam के लिए मुख्य चार attributes ही महत्वपूर्ण हैं।
Syntax: ATTRIB [+R|-R] [+H|-H] [+S|-S] [+A|-A] [filename]
इस Syntax में :
+: Attribute लागू (Set) करने के लिए।-: Attribute हटाने (Clear) के लिए।R, H, S, A: क्रमशः Read-Only, Hidden, System और Archive को दर्शाते हैं।[filename]: उस फाइल का नाम जिसके गुणधर्म बदलने हैं।
Example: ATTRIB +H +R SECRET.TXT
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर 'SECRET.TXT' फाइल Hidden हो जाती है और साथ ही Read-Only मोड में भी सेट हो जाती है।
Exam Point: Exam के लिए मुख्य 4 attributes याद रखें — R (Read-Only), H (Hidden), S (System), A (Archive)।
MOVE Command
एक या अधिक फाइलों को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित (Cut-Paste) करने अथवा किसी फोल्डर का नाम बदलने के लिए प्रयोग की जाती है।
Syntax: MOVE [source] [destination]
इस Syntax में :
[source]: उस फाइल का नाम व पाथ जिसे मूव करना है।[destination]: वह नई लोकेशन जहाँ फाइल भेजनी है।
Example: MOVE DOC.TXT D:\ARCHIVE\
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर 'DOC.TXT' फाइल वर्तमान जगह से हटकर D ड्राइव के ARCHIVE फोल्डर में चली जाती है।
Exam Point: COPY से फाइल की नकल बनती है (मूल फाइल बनी रहती है), जबकि MOVE से फाइल पूरी तरह नई जगह चली जाती है (मूल स्थान से हट जाती है)।
BACKUP Command (Legacy DOS)
हार्ड डिस्क की ज़रूरी files का सुरक्षित बैकअप (आमतौर पर फ्लॉपी डिस्क या किसी दूसरी ड्राइव पर) बनाने के लिए प्रयोग होती थी, ताकि data loss होने पर उसे वापस पाया जा सके।
Syntax: BACKUP [source] [destination] [/S]
इस Syntax में :
[source]: वह drive/folder जिसका backup लेना है।[destination]: वह जगह जहाँ backup सुरक्षित रखा जाएगा।[/S]: सभी subdirectories सहित पूरा backup लेने के लिए।
Example: BACKUP C:\DATA A: /S
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर C:\DATA फोल्डर की सभी files और subdirectories का बैकअप Drive A में बन जाता है।
Exam Point: BACKUP से बनी फाइलें एक special (compressed) format में होती हैं, इसलिए इन्हें सीधे खोला नहीं जा सकता — इन्हें वापस पाने के लिए RESTORE command चाहिए होती है।
RESTORE Command (Legacy DOS)
BACKUP command से बनाए गए बैकअप को वापस उसके original location पर restore (पुनः प्राप्त) करने के लिए प्रयोग होती है।
Syntax: RESTORE [source] [destination]
इस Syntax में :
[source]: वह जगह जहाँ backup पहले से मौजूद है (जैसे A:)।[destination]: वह जगह जहाँ files वापस restore करनी हैं।
Example: RESTORE A: C:\DATA
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर Drive A में रखा बैकअप वापस C:\DATA लोकेशन पर restore हो जाता है।
Exam Point: BACKUP और RESTORE हमेशा जोड़ी में काम करती हैं — जो BACKUP से बचाया गया है, वही RESTORE से वापस लाया जा सकता है।
3. System Utility & Filter Commands
यह category उन commands को साथ रखती है जो text files पढ़ने, खोजने, सॉर्ट करने, compare करने, print करने और system की जानकारी देखने के काम आती हैं।
EDIT Command (Legacy DOS)
MS-DOS का पूर्ण स्क्रीन टेक्स्ट एडिटर (Full-Screen Text Editor) खोलने के लिए, जहाँ आप टेक्स्ट फाइल्स को बना, देख और एडिट कर सकते हैं।
Syntax: EDIT [filename.txt]
इस Syntax में :
[filename.txt]: उस फाइल का नाम जिसे खोलना या नया बनाना हो।
Example: EDIT NOTES.TXT
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर स्क्रीन पर एक टेक्स्ट एडिटर खुल जाता है जिसमें 'NOTES.TXT' फाइल एडिट की जा सकती है।
Exam Point: COPY CON केवल नई फाइल बनाने देता है, जबकि EDIT कमांड पूरी तरह इंटरैक्टिव एडिटिंग की सुविधा देता है।
FIND Command
किसी टेक्स्ट फाइल के अंदर किसी विशिष्ट शब्द (Text String) को ढूँढने के लिए प्रयोग की जाती है।
Syntax: FIND "search_text" [filename]
इस Syntax में :
"search_text": वह शब्द जिसे डबल कोट्स में लिखकर खोजना है।[filename]: उस फाइल का नाम जिसमें खोजना है।
Example: FIND "COPA" STUDENTS.TXT
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर STUDENTS.TXT फाइल की वे सभी लाइनें स्क्रीन पर आ जाती हैं जिनमें "COPA" लिखा होता है।
Exam Point: FIND command exact text string खोजने के काम आती है।
SORT Command
किसी फाइल के टेक्स्ट डेटा या आउटपुट को वर्णमाला क्रम (Alphabetical Order A-Z या Z-A) में व्यवस्थित करने के लिए प्रयोग की जाती है।
Syntax: SORT [filename] [/R]
इस Syntax में :
[filename]: उस फाइल का नाम जिसके डेटा को सॉर्ट करना है।[/R]: डेटा को उल्टे क्रम (Reverse यानी Z से A) में व्यवस्थित करने के लिए।
Example: SORT NAMES.TXT /R
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर NAMES.TXT फाइल के सभी नाम उल्टे वर्णमाला क्रम (Z से A) में स्क्रीन पर दिखाई देते हैं।
Exam Point: बिना /R switch के SORT हमेशा by default A-Z क्रम में डेटा arrange करता है।
MORE Command
जब आउटपुट स्क्रीन से अधिक लंबा हो जाता है, तो MORE कमांड आउटपुट को एक-एक स्क्रीन (Page by Page) करके रोक-रोक कर दिखाती है।
Syntax: [command] | MORE या MORE < [filename]
इस Syntax में :
|(पाइप सिंबल): किसी भी कमांड के बड़े आउटपुट को MORE में भेजने के लिए उपयोग होता है।[filename]: वह फाइल जिसका डेटा page-by-page पढ़ना है।
Example: TYPE BIGFILE.TXT | MORE
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर BIGFILE.TXT का डेटा एक-एक स्क्रीन रुककर प्रदर्शित होता है; अगली स्क्रीन देखने के लिए कोई भी key दबानी होती है।
Exam Point: MORE command लंबे output को पढ़ने में आसान बनाने के लिए उपयोग होती है।
FC Command (File Compare)
दो फाइलों की आपस में तुलना करके यह देखने के लिए उपयोग होती है कि दोनों में क्या अंतर है।
Syntax: FC [file1.txt] [file2.txt]
इस Syntax में :
[file1.txt]और[file2.txt]: वे दो फाइलें जिनकी आपस में तुलना करनी है।
Example: FC FILE1.TXT FILE2.TXT
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर यह दोनों फाइलों की प्रत्येक पंक्ति की तुलना करता है और अंतर वाली लाइनों को दिखा देता है।
Exam Point: FC command line-by-line तुलना करके अंतर (differences) दिखाती है।
MEM Command (Legacy DOS — Memory Information)
सिस्टम की RAM मेमोरी (Conventional, Extended, Expanded Memory) के उपयोग और खाली स्पेस की जानकारी देखने के लिए प्रयोग होती है।
Syntax: MEM [/C] [/D] [/P]
इस Syntax में :
[/C]: मेमोरी में लोड प्रोग्राम्स का वर्गीकरण देखने के लिए।[/P]: आउटपुट को पेज-दर-पेज रोकने के लिए।
Example: MEM /C /P
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर सिस्टम में मेमोरी का पूरा उपयोग स्क्रीन पर पेज-दर-पेज प्रदर्शित होता है।
Exam Point: MEM command RAM की current उपयोग स्थिति दिखाने के लिए उपयोग होती है।
PRINT Command (Legacy DOS)
किसी text file को सीधे कमांड लाइन से printer पर भेजकर print करने के लिए प्रयोग होती है।
Syntax: PRINT [filename]
इस Syntax में :
[filename]: उस text file का नाम जिसे print करना है।
Example: PRINT REPORT.TXT
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर REPORT.TXT फाइल का print job printer को भेज दिया जाता है।
Exam Point: PRINT command केवल plain text files को print करने के लिए बनी है।
DOSKEY Command
पहले टाइप की गई commands को याद (store) रखने और उन्हें दोबारा आसानी से इस्तेमाल करने (जैसे Up-Arrow key दबाकर पुरानी command वापस लाना) के लिए प्रयोग होती है।
Syntax: DOSKEY [/HISTORY]
इस Syntax में :
[/HISTORY]: अब तक टाइप की गई सभी commands की पूरी list दिखाने के लिए।
Example: DOSKEY /HISTORY
ऐसा लिखकर Enter Key दबाने पर उस session में अब तक टाइप की गई सभी commands की list स्क्रीन पर दिख जाती है।
Exam Point: DOSKEY चालू रहने पर Up-Arrow और Down-Arrow key से पुरानी commands को दोबारा call किया जा सकता है, जिससे बार-बार टाइप करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
DOS/Windows Command-Line Utilities की Quick Revision Table
नीचे दी गई table में ऊपर बताई गई सभी commands एक ही जगह उनके meaning, संबंधित file और मुख्य कार्य के साथ दी गई हैं — revision के लिए यह table सबसे उपयोगी है।
| Command | Meaning / Full Form | संबंधित File | मुख्य कार्य |
|---|---|---|---|
| CHKDSK | Check Disk | CHKDSK.EXE | Disk Errors और Storage की जाँच करना |
| FORMAT | Format | FORMAT.COM | ड्राइव में नया File System बनाना |
| DISKCOPY | Disk Copy (Legacy) | DISKCOPY.COM | पूरी फ्लॉपी डिस्क की सटीक कॉपी बनाना |
| DISKCOMP | Disk Compare (Legacy) | DISKCOMP.COM | दो फ्लॉपी डिस्क के डेटा की तुलना करना |
| FDISK | Fixed Disk Setup (Legacy) | FDISK.EXE | हार्ड डिस्क के Partitions मैनेज करना |
| LABEL | Disk Label | LABEL.EXE | ड्राइव का Volume Name बदलना/बनाना |
| SYS | System Transfer | SYS.COM | डिस्क को Bootable बनाना |
| SUBST | Substitute | SUBST.EXE | Folder Path को Virtual Drive देना |
| XCOPY | Extended Copy | XCOPY.EXE | फाइलों के साथ फोल्डर/सबफोल्डर कॉपी करना |
| TREE | Directory Tree | TREE.COM | डायरेक्टरी संरचना को Graphical Tree में दिखाना |
| ATTRIB | Attributes | ATTRIB.EXE | File Attributes (Read-Only, Hidden) सेट करना |
| MOVE | Move | MOVE.EXE | फाइल को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करना |
| BACKUP | Backup (Legacy) | BACKUP.EXE | Files का सुरक्षित बैकअप बनाना |
| RESTORE | Restore (Legacy) | RESTORE.EXE | Backup से data वापस लाना |
| EDIT | Editor (Legacy) | EDIT.COM | Full-screen Text Editor खोलना |
| FIND | Find String | FIND.EXE | फाइल के अंदर विशेष शब्द खोजना |
| SORT | Sort Data | SORT.EXE | टेक्स्ट डेटा को A-Z या Z-A क्रमबद्ध करना |
| MORE | Screen Paging | MORE.COM | लंबा आउटपुट पेज-दर-पेज दिखाना |
| FC | File Compare | FC.EXE | दो फाइलों के अंतर की तुलना करना |
| MEM | Memory Status (Legacy) | MEM.EXE | सिस्टम की RAM मेमोरी की स्थिति देखना |
| Print (Legacy) | PRINT.EXE | Text file को Printer पर भेजना | |
| DOSKEY | DOS Key | DOSKEY.COM | पहले टाइप की गई commands की history इस्तेमाल करना |
Internal बनाम External Commands में मुख्य अंतर
यह difference लगभग हर exam में पूछा जाता है, इसलिए इसे table के रूप में समझना सबसे आसान रहेगा।
| विशेषता (Feature) | Internal Commands | External Commands |
|---|---|---|
| स्थान (Location) | Command Interpreter (COMMAND.COM/cmd.exe) के अंदर built-in रहती हैं। | डिस्क पर अलग executable files (.EXE, .COM) के रूप में उपलब्ध होती हैं। |
| निर्भरता (Dependency) | किसी बाहरी फाइल की आवश्यकता नहीं होती। | संबंधित फाइल का डिस्क में होना अनिवार्य है। |
| कार्य का प्रकार | साधारण और दैनिक कार्य (जैसे CD, DIR, CLS, MD, DEL)। | जटिल, मेंटेनेंस और एडवांस कार्य (जैसे CHKDSK, FORMAT, XCOPY)। |
| Disk Space | कोई अतिरिक्त डिस्क स्पेस नहीं लेतीं। | सेकेंडरी स्टोरेज में अलग स्पेस लेती हैं। |
Exam के लिए एक-लाइन याद रखने वाली Trick
- Internal = हमेशा साथ रहने वाली (Built-in) commands
- External = ज़रूरत पर अलग से इस्तेमाल होने वाली (Separate File) commands
Exam Special: याद रखने योग्य मुख्य बिंदु
नीचे दिए गए points ITI COPA और अन्य computer exams में बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें अच्छी तरह याद कर लें।
- File Extensions: External Commands आमतौर पर .EXE या .COM एक्सटेंशन वाली फाइल्स होती हैं।
- COPY vs XCOPY: COPY केवल फाइलों को कॉपी करती है, जबकि XCOPY फाइलों के साथ सब-डायरेक्टरी स्ट्रक्चर को भी कॉपी कर सकती है।
- ATTRIB के 4 मुख्य Attributes: R (Read Only), A (Archive), S (System), H (Hidden)।
- CHKDSK Switches: /F का अर्थ Fix Errors और /R का अर्थ Recover Data है (/R में /F का काम भी शामिल रहता है)।
- DISKCOPY vs DISKCOMP: DISKCOPY डेटा की कॉपी बनाती है, जबकि DISKCOMP सिर्फ दो डिस्क का डेटा compare करती है।
- BACKUP + RESTORE: ये दोनों commands हमेशा जोड़ी में काम करती हैं — पहले BACKUP से data सुरक्षित किया जाता है, फिर ज़रूरत पड़ने पर RESTORE से वापस लाया जाता है।
- FDISK vs DISKPART: FDISK पुराने MS-DOS की partition management utility है, जबकि आधुनिक Windows में यही काम DISKPART से होता है।
DOS External Commands - FAQs
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